Tuesday, June 5, 2007

मैं भी इक दिन गीत लिखूंगा

आजकल चिट्ठे पर नये नये रूप में तथाकथित गज़ल, गीत, कविता और अकविता की भरमार हो रही है, और हम हैं कि कलम हाथ में लिये टुकुर टुकुर खाली स्क्रीन को देखे जा रहे हैं. कई बार आवाज़ लगाइ अपने कलाकार को, कई सन्देशे भेजे मगर सभी नाकाम हुए. हार कर हमने अपने कलाकार को धर दबोचा. मियां दुनिया एक दिन में पांच पांच छह छह पोस्ट पर पोस्ट किये जा रही है गज़ल और कविता के नाम पर ( हालांकि अधिकांश में ऐसा कुछ होता नहीं है )और तुम हो कि ले दे के हफ़्ते दस दिन में कुछ डेढ़ दो शब्द लिखते हो. उठो और अपने नाम को सार्थक करो.

हमारी लताड़ पर हमारे कलाकार ने आश्वासन दिया- घबराओ मत. जल्दी ही मनोकामना पूर्ण होगी. ये लो वादा ले जाओ.

उनका आश्वासन जो मिला आपसे बाँट रहे हैं

इक दिन मैं भी लिखूँगा कविता
इक दिन मैं भी गीत लिखूँगा

अभी आजकल बहुत व्यस्त हूँ
समय नहीं बिलकुल मिल पाता
एक निमिष भी हाथ न लगता
जिसमें कुछ नग्मे गा पाता
पाँच् जौब मै व्यस्त आज कल
ऐसी कुछ मेरी दुविधा है
सिवा मेरे हर एक किसी को
कविता लिखने की सुविधा है.

छोड नौकरी जब आउँगा
तब स्वर्णिम संगीत लिखूँगा
इक दिन मैं भी गीत लिखूँगा

पहला जौब नौकरी मेरी
जो दस घन्टे ले जाती है
और दूसरा मेरी बीवी
जो बाकी दिन हथियाती है
तीजा चौथा सोशल और
वौलन्ट्री काम मेरा होता है
और पाँचवाँ बच्चों की फ़रमाईश
जिसमें मन खोता है

हार रहा हूँ रोज समय से
इक दिन अपनी जीत लिखूँगा
मैं भी इक दिन गीत लिखूँगा

नाटक मुझको लिखने होते
लिखने पडते कई सिलेबस
और किचन का काम हमेशा
मुझको कर जाता है बेवस
रोज फोन पर मुझे दोस्तों
से भी बातें करनी होतीं
दिन के साथ साथ ऐसे ही
मेरी सारी रातें खोतीं


दादी नानी ने सिखलाई
जो मुझको वो रीत लिखूँगा
इक दिन मैं भी गीत लिखूँ
गा

6 comments:

Udan Tashtari said...

आपकी व्यस्तता की हालात पढ़कर आँख भर आई..बेबसी की वेदना साफ झलक उठी...भर्राये गले से बस शुभकामनायें ही दे पा रहा हूँ कि एक दिन जरुर गीत लिखियेगा. :)

Reetesh Gupta said...

राकेश जी,

हर बार की तरह आपका यह व्यंग भी खूब भाया

बधाई

विकास कुमार said...

ऐसा कीजिये लिखने के पहले एक दो दिन का नोटिस दे दीजियेगा। अब जब आपके पास वक़्त नही हैं तब ऐसा कुछ लिख रहे हैं, तो जब वक़्त होगा तो महा-महाकाव्य ही लिख डालें। तो पढने के लिए वक़्त पहिले से बचा के रखा जायेगा ना..:)

sunita (shanoo) said...

हमे इन्तजार रहेगा आपके गीत का...:)


सुनीता(शानू)

मोहिन्दर कुमार said...

ना ना करते भी इतना बडा गीत लिख ही डाला....खूब रहा

ग़रिमा said...

गीत जरूर लिखियेगा.. व्यस्त ना रही तो पढने जरूर आऊँगी, देर-सवेर ही सही :)