Thursday, December 25, 2008

समीर भाई-- हार्दिक बधाई

आज का दिन चिट्ठा जगत के लाड़ले समीर लाल ( उड़नतश्तरी ) के लिये ऐतिहासिक है. आज उनका सपना पूरा हो रहा है. उनके सुपुत्र का प्रणय बन्धन आज शाम हो रहा है. इस अवसर पर उन्हें हार्दिक बधाई

पुष्प सुगन्धित मलय समीरं महकाये घर द्वारा
प्रगति और अनुपम हो मंगल, पावन प्रणय तुम्हारा

लगा गूँजने पुण्य साधना के मंत्रों का मृदु स्वर
सुषमा करे कन्हैया की पथ को प्रशस्त मह मह कर
शिखा दीप की ललक ललक कर, फिर फिर शगुन बताये
महिमा आज तुम्हारी राहों को आकर महकाये

शहनाई का उठा गूँजकर स्वर ये आज पुकारा
प्रगति पंथ पर रहे अग्रसर, अनुपम प्रणय तुम्हारा

मधुपूरित सपने सुशील मन, अनुभव नया बातायें
नभ पर आ राजेन्द्र मुदित मन सुरभित सुमन लुटायें
लिये सुनीति, विभा बिखराते हैं राकेश गगन पर
महामहिम के स्वप्न हो रहे शिल्पित आज निरन्तर

वीणा के सितार के संग में गाता है इकतारा
पावन मंगलमय हो अनुपम, परिणय प्रगति तुम्हारा

जो समवेत उठे स्वर वह हो गीता जैसा पावन
मुट्ठी में सिमटे आकर के मल्हारें ले सावन
सहराही जीवन के सारे सपने शिल्पित कर दे
और ईश तुमको बिन मांगे, वांछित हर इक वर दे

दिशा दिशा से दिक्पालों ने आज यही उच्चारा
प्रगति और अनुपम मंगल हो पावन प्रणय तुम्हारा

19 comments:

विवेक सिंह said...

समीर जी को ससुर बनने की बधाई !

seema gupta said...

दिशा दिशा से दिक्पालों ने आज यही उच्चारा
प्रगति और अनुपम मंगल हो पावन प्रणय तुम्हारा
शुभकामनायें

बवाल said...

आदरणीय राकेश जी,
आपकी इस अतिसुन्दर बधाई के लिए समीर भाई और उनके परिवार की ओर से मैं बहुत बहुत आभार प्रेषित कर रहा हूँ. कल रात दो बजे तक क़व्वाली और गीत संगीत की महफ़िल सजी रही. समीर भाई की ग़ज़ल "इक तेरी नज़र का" से मैंने महफ़िल का आगाज़ किया और फिर दौर चल पड़े.
हमारे ब्लॉगजगत का प्रतिनिधित्व बजाज मैडम ने किया. उन्होंने अपनी रचनाएं पढ़ीं. सीमाजी का शेर भी पढ़ा गया "नामा-ए-बय". ब्लॉगजगत के सभी बंधुवर, आप, नीरज जी, ज्ञान जी, ताऊजी,राज जी, दिनेशजी, मीत भाई, मौदगिल जी,विवेक सिंह, और भी बहुत से सुंदर नामों की फ़ेहरिस्त जो समीर जी ने मुझे दी थी उन्हें पढ़कर समस्त ब्लॉग जगत को महफ़िल में शामिल किया गया. पंडित भवानी प्रसाद तिवारी की कालजयी रचना "प्यार न बाँधा जाए" ने विशेष उपस्थिति दर्ज की. मैं भी सुबह ही लौटा हूँ और निश्चित ही मन वही दोहरा रहा है की "अब तक ख़ुमार बाक़ी है इक तेरी नज़र का."

रंजना [रंजू भाटिया] said...

समीर जी को बहुत बहुत बधाई ...और बवाल जी का भी धन्यवाद जो वहां होने वाली महफ़िल से हमें रूबरू करवाया .

"अर्श" said...

समीर जी को ससुर बनने पे ढेरो बधाई साथ में बवाल बड़े भाई को भी महफिले रौनक से रूबरू कराने के लिए बहोत बहोत आभार ...

अर्श

Pramod Singh said...

समधित्‍वसुख से लहलह गमकें, समीर भइय्या..

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) said...

बहुत खूब,
समीर जी को नए रिश्ते का नया आयाम रिश्तों कि प्रगाढ़ता से मिले.
ढेरक बधाई

anuradha srivastav said...

समीर जी को नए रिश्तों की हार्दिक बधाई।

मोहन वशिष्‍ठ said...

समीर जी को बहुत बहुत बधाई और राकेश जी आपको भी

आप सभी को क्रिसमस की शुभकामनाएं

Vidhu said...

समीर जी को बधाई...नई बेटी के आगमन की,...ढेर सी खुशियाँ उनके घर आँगन मैं आए ...शुभकामनाएं,

प्रभाकर पाण्डेय said...

बहुत-बहुत बधाई उड़नतश्तरी महराज को।

yunus said...

बधाई हो

ताऊ रामपुरिया said...

शहनाई का उठा गूँजकर स्वर ये आज पुकारा
प्रगति पंथ पर रहे अग्रसर, अनुपम प्रणय तुम्हारा

समीर जी को हार्दिक बधाईयां ! नव वर वधू पर परमात्मा की असीम अनुकम्पा बनी रहे !

नितिन व्यास said...

लाल परिवार को बधाईयाँ और शुभकामनायें!

संगीता पुरी said...

खुशी के इस मौके पर आपके माध्‍यम से समीर लाल जी को सपरिवार मेरी ओर से भी बधाई और शुभकामनाएं।

उन्मुक्त said...

मेरी तरफ से भी बधाई।

Arvind Mishra said...

समीर जी को बधाई ,नव दंपत्ति को स्नेहाशीष और आपको कोटिशः धन्यवाद !

सतीश सक्सेना said...

वाकई में समीर लाल चिटठा जगत के लाडले हैं ! इस अवसर पर समीर भाई को हार्दिक शुभकामनायें दीजियेगा राकेश जी !
सादर

महेंद्र मिश्रा said...

खुशी के इस मौके पर आपके माध्‍यम से समीर लाल जी को सपरिवार मेरी ओर से और जबलपुर के समस्त ब्लागरो की और से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं . कल २५ दिसम्बर को हम सभी जबलपुर के ब्लागरो ने वैवाहिक कार्यक्रम में उपस्थित होकर भाई समीर लाल जी के परिवारजनों को अपनी शुभकामनाये प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.

महेंद्र मिश्रा
जबलपुर..